गंगाजल गाइड
गंगाजल किन अवसरों पर प्रयोग होता है?
गंगाजल लगभग हर हिंदू पावन अवसर पर प्रयोग होता है — नित्य पूजा, गृह-प्रवेश, दिवाली एवं अन्य त्योहार, विवाह, तथा श्राद्ध एवं अंतिम संस्कार — व्यक्तियों, मूर्तियों एवं स्थानों की शुद्धि हेतु। कुछ बूँदें किसी भी अनुष्ठान को पवित्र कर देती हैं।
त्योहार एवं अनुष्ठान
- दिवाली एवं लक्ष्मी पूजा
- नवरात्रि एवं दुर्गा पूजा
- महाशिवरात्रि — शिवलिंग का अभिषेक
- जन्माष्टमी एवं राम नवमी
- सत्यनारायण कथा एवं हवन
- विवाह एवं यज्ञोपवीत संस्कार
घर एवं जीवन के अवसर
- गृह-प्रवेश — नए घर का आशीर्वाद
- नामकरण एवं मुंडन संस्कार
- वाहन या दुकान के उद्घाटन की पूजा
- नित्य आचमन एवं संध्या
- व्रत एवं संकल्प
श्राद्ध एवं अंतिम संस्कार
श्राद्ध, तर्पण एवं अस्थि विसर्जन में गंगाजल अनिवार्य है; कुछ बूँदें मुख में रखी जाती हैं और संपूर्ण विधि में प्रयुक्त होती हैं।
FAQ
क्या दिवाली पर गंगाजल प्रयोग होता है? +
हाँ। दिवाली पर घर की शुद्धि हेतु गंगाजल छिड़का जाता है और लक्ष्मी पूजा में प्रयोग होता है।
क्या गृह-प्रवेश में गंगाजल प्रयोग होता है? +
हाँ। गृह-प्रवेश के समय नए घर में गंगाजल छिड़कना उसे शुद्ध एवं मंगलमय करने की परंपरागत विधि है।
क्या श्राद्ध एवं अंतिम संस्कार में गंगाजल प्रयोग होता है? +
हाँ। श्राद्ध, तर्पण एवं अस्थि विसर्जन में विधि के भाग रूप में गंगाजल अर्पित किया जाता है।
